अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
अगर यह कहा जाए कि वरिष्ठ पत्रकार डॉ.महेंद्र सिंह की पुस्तक ‘‘जनसंचार एवं पत्रकारिता‘‘ प्रशिक्षु पत्रकारांे को दिशा प्रदान करेगी तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
डॉ. महेंद्र सिंह ने अपनी पुस्तक ‘‘जनसंचार एवं पत्रकारिता‘‘ मुझे भी भेंट की और मुझे यह पुस्तक पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वैसे तो पत्रकारिता का प्रशिक्षण सैद्धांतिक की तुलना में व्यवहारिक अधिक है। यह प्रसन्नता की बात है कि इस पुस्तक के लेखक डॉ. महेंद्र सिंह ने व्यवहार से पत्रकारिता सीखी है।
एक कहावत यह भी है कि किसी को कलाकार नहीं बनाया जा सकता है वे तो जन्मजात पैदा होते हैं। ऐसा ही पत्रकारिता के साथ है, किसी के भीतर लेखन और अभिव्यक्ति को व्यक्त की प्रतिभा को प्रशिक्षण के माध्यम से पैदा नहीं किया जा सकता है। लेकिन तकनीकी के इस युग में यह कहावत अब सत्य नहीं कही जा सकती है। आज के दौर में किसी के भीतर चाहे कितनी भी प्रतिभा हो अगर उसे तकनीक का ज्ञान नहीं और संचार क्रांति के उपकरणों को चलना नहीं जानता है तो वह पिछड़ जाएगा। अगर किसी के भीतर लेखन की तनिक सी भी प्रतिभा है तो प्रशिक्षण से उसे तराशा जा सकता है और वह एक कामयाब पत्रकार बन सकता है।
डॉ. महेंद्र सिंह ने अपनी पुस्तक मंे संक्षेप में 64 लेख लिखकर पत्रकारिता के वृहद प्रशिक्षण को समेटने का प्रयास किया हैं। उन्होंने गागर में सागर भरने का भागीरथी प्रयास किया है। उन्होेंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार देते हुए, पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियाँ, पत्रकारिता की चिंता, पत्रकाारिता के विभिन्न आयामांें, वर्तमान स्वरूप, आजादी में पत्रकारिता के योगदान समेत विभिन्न बिंदुओं पर बड़ी सफलता के साथ रोशनी डालने का प्रयास किया है। निःसंदेह यह पुस्तक जनसंचार एवं पत्रकारिता में कैरियर गढ़ने का मन बना रहे युवाओं को दिशा प्रदान करेगी।
महेंद्र सिंह की पुस्तक ‘‘जनसंचार एवं पत्रकारिता‘‘ प्रशिक्षु पत्रकारों को देगी दिशा:डॉ. दीपक अग्रवाल

