डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में राष्ट्रीय एकता के ब्रांड एम्बेसडर, लौह पुरूष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयन्ती पर ’’एक भारत- श्रेष्ठ भारत’’ के तहत ’’नक्सल मुक्त भारत’’ विषय पर संगोष्ठी।
- अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुए पाँच सौ बासठ रियासतो में खण्डित भारत को एक तिरंगे के नीचे लाकर राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के ’’शिल्पकार’’ सरदार पटेल ने बताया कि सच्ची आजादी एवं अखण्डता के मायने क्या होते है- श्री सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यश, वेंक्टेश्वरा समूह।
पटेल एकता के अग्रदूतः डॉ0 राजीव त्यागी - स्वतंत्र एवं अखण्ड भारत के इतिहास में सरदार पटेल जैसा दृढ़ इच्छा शक्ति वाला व्यक्तित्व, अनुशासित प्रशासक उनके समकालीन दूसरा कोई नहीं- डॉ0 राजीव त्यागी, प्रतिकुलाधिपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय महामंत्री, लौहपुरूष विचार मंच।
- देश के युवा विशेष रूप से छात्र-छात्राऐ सरदार पटेल के जीवन से दृढ़ता, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा लेकर उनके राष्ट्रवादी विचारो को अपने जीवन में आत्मसात करे- प्रो0 (डॉ0) कृष्ण कान्त दवे, कुलपति, श्री वंेक्टेश्वरा विश्वविद्यालय।
- आईये देश के अन्दर पनप रहे नक्सलवाद को जड़ से मिटाने में अपना-अपना योगदान दे- डॉ0 मानस रंजन, प्रतिकुलपति, श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय।
- आधुनिक भारत के निर्माता लौह पुरूष सरदार पटेल ने देशवासियों को सर ऊँचा उठाकर स्वाभिमान से जीना सिखाया- डॉ0 मधु चतुर्वेदी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं महाकवियत्री।
’’नक्सल मुक्त भारत’’ विषय पर संगोष्ठी - आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में अखण्ड भारत के शिल्पकार, भारत रत्न, लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयन्ती पर ’’एक भारत- श्रेष्ठ भारत’’ के तहत ’’नक्सल मुक्त भारत’’ विषय पर संगौष्ठी का शानदार आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से पधारे शिक्षाविदो/साहित्यकारो ने एक सुर में सरदार पटेल को अंग्रेजो की गुलामी से आजाद हुए टुकड़ो में छिन्न-भिन्न भारत को एक तिरंगे के नीचे लाने एवं अखण्ड भारत बनाने में उनके योगदान को अतुल्यनीय बताते हुए उनको ’’आधुनिक अखण्ड भारत’’ का ’’शिल्पकार’’ करार दिया।
श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के पटेल सभागार में लौह पुरूष वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयन्ती पर ’’एक भारत-श्रेष्ठ भारत’’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगौष्ठी का शुभारम्भ संस्थापक अध्यश श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ0 राजीव त्यागी, कुलपति प्रो0 कृष्ण कान्त दवे, प्रतिकुलपति डॉ0 मानस रंजन, विख्यात महाकवियत्री डॉ0 मधु चतुर्वेदी, कुलसचिव प्रो0 पीयूष कुमार पाण्डेय आदि ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया।
562 टुकडो में बटे देश को एकीकृत किया
अपने सम्बोधन में संस्थापक अध्यश श्री सुधीर गिरि ने कहा कि बाते चाहे आजादी की जंग की हो या आजाद भारत की, लौहपुरूष सरदार पटेल ने जहाँ आजादी के लिए अंग्रेजो को खदेडने का काम किया, वही दूसरी ओर 562 टुकडो में बटे देश को एकीकृत कर तिरंगे के नीचे लाकर खडा कर दिया। उनकी दृढ निश्चयता, अनुशासन एवं चरित्र उन्हे सबसे महान एवं सर्वश्रेष्ठ बनाता है। प्रतिकुलाधिपति डॉ0 राजीव त्यागी ने कहा कि यदि भारत का युवा सरदार पटेल के आदर्शाे को आत्मसात कर ले, तो भारत को फिर से विश्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। आज हम सभी उनके आदर्शाे एवं सिद्धान्तो पर चलने की शपथ एवं संकल्प लेते है। उन्होने कहा आज बदलता भारत इतना शक्तिशाली है कि हमें चीन, अमेरिका किसी से कोई भी भय नहीं है, लेकिन देश के अन्दर पनप रहे नक्सलवाद को खत्म करना होगा।
सरदार पटेल जी की 151वीं जयन्ती पर आयोजित राष्ट्रीय संगौष्ठी को कुलपति प्रो0 कृष्ण कान्त दवे, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ0 यतीन्द्र कटारिया, प्रो0 पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ0 एस0आर0 मालू आदि ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर डायरेक्टर एकेडमिक प्रो0 राजेश सिंह, डॉ0 योगेश्वर शर्मा, डॉ0 मोहित शर्मा, डॉ0 नीतू पंवार, डॉ0 रीना जोशी, डॉ0 बबीता, डॉ0 ओमप्रकाश गोसाई, डॉ0 आशुतोष, डॉ0 अश्वनी सक्सेना, डॉ0 अनिल जायसवाल, डॉ0 राजवर्द्धन, डॉ0 एस0के0 श्रीवास्तव, डॉ0 माता प्रसाद, डॉ0 श्यामलाल, डॉ0 धीरज दुबे, मेरठ परिसर से निदेशक डॉ0 पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

