डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
जिलाधिकारी डॉ.नितिन गौड़ ने कहा कि स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर जागरूक किया जाए।
बेसिक शिक्षा की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने जनपद के परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत 19 बुनियादी अवस्थापना सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, शौचालयों में रनिंग वाटर, टाइल्स, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट, कक्षाओं में टाइल्स, ब्लैक बोर्ड, किचन शेड, विद्यालयों का रंगाई-पुताई एवं सौंदर्यीकरण, रैंप एवं रेलिंग, विद्युत कनेक्शन एवं उपकरण, बालक-बालिकाओं के लिए यूरिनल, फर्नीचर, रनिंग वाटर तथा बाउंड्रीवॉल एवं गेट सहित सभी मूलभूत सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए।
सीएम मॉडल विद्यालयों के निर्माण की प्रगति
बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालयों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद अमरोहा की चारों तहसीलों में एक-एक विद्यालय स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस संबंध में तहसील हसनपुर एवं एक अन्य तहसील/विकासखंड में विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने शेष विद्यालयों के चयन एवं निर्माण संबंधी कार्यवाही को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में ई-वेस्ट के पृथक्करण की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के आधार पर सत्यापन, एआरपी चयन प्रक्रिया, उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के निर्धारित लक्ष्य एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए 15 दिवसीय गतिविधि कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में ई-वेस्ट के पृथक्करण एवं संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने यू-डायस पोर्टल पर अपार आईडी की एंट्री की स्थिति, लंबित प्रविष्टियों, ड्रॉप बॉक्स, स्टूडेंट अकाउंट तथा ब्लॉकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी छात्र-छात्राओं की आवश्यक प्रविष्टियां समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत पूर्ण कराई जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इसके अतिरिक्त पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) वितरण की समीक्षा एवं जियो टैगिंग की प्रगति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा भोजन वितरण की जियो टैगिंग नियमित रूप से कराई जाए। विद्यालय प्रबंधन समितियों के माध्यम से भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
बेहतर शैक्षिक वातावरण बनाएं
जिलाधिकारी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ-साथ सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। अतः सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूर्ण कराएं, जिससे छात्र-छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. मोनिका, जिला विद्यालय निरीक्षक शतानंद र्श्मा, जिला पंचायत राज, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

