डॉ. दीपक अग्रवाल
लखनऊ/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
राजधानी लखनऊ के तेलीबाग परिक्षेत्र में एक सड़क के खास टुकड़े पर बार-बार दुर्घटनाएँ हो रही थीं । किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और बात आई गई होती रही । यह लगभग 2016 से 2022 के बीच की बात है।
अभियंता दिवस पर शोधपत्र का वाचन
इस दौरान घटना स्थल के पास निवासरत ख्यातिलब्ध तकनीकविद्, वैज्ञानिक और सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता हेमंत कुमार (मूल रूप से बिजनौर निवासी)ने इन घटनाओं पर ध्यान दिया और स्वतंत्र रूप से शोध कर कारण और निवारण ढूँढने का निर्णय लिया । इस क्रम में अभियंता दिवस के अवसर पर हेमंत कुमार ने ‘रिसर्च अबाउट काज ऑफ एक्सीडेंटल प्रोन सेगमेंट इन कैनाल रोड एंड इट्स रेमेडीज’ नामक शोधपत्र लिखकर वाचन किया ।
चार वर्षों के निरंतर प्रयास तथा मंथन
लगभग चार वर्षों के निरंतर प्रयास तथा मंथन और दुर्घटनाओं के संबंध में विभिन्न टूटी-फूटी कड़ियों को जोड़ते हुए, उन्होंने इसका कारण खोजा और इन दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों और तरीकों की खोज की । विगत दो वर्ष से ये उपाय लागू हुए और इसके बाद सड़क के उस टुकड़े पर दुर्घटनाएँ देखने में नहीं आ रही हैं । इस मामले में पूरी शोध इसके कारण संभावित उपाय आदि पर हेमंत कुमार ने विचारपूर्ण शोध पत्र तैयार किया ताकि इसका लाभ व्यापक स्तर पर लिया जा सके ।
कारणों को उजागर करने संग सफल उपाय भी
हेमंत कुमार ने कैरेज वे विथ, ट्रेडिशनल पैटर्न टू कन्स्ट्रकशन सर्विस रोड ऑफ कैनाल सैटेलाइट इमेज स्टडी, सुपर एलिवेशन, कैंबर, कर्व रेडियस, व्हीकल स्पीड, फ्रिक्शन कोफिशिएंट बिटवीन टायर एंड टॉप सरफेस ऑफ रोड, व्हीकल डेंसिटी इन रेफरेंस ऑफ टाइम, रीजनल इंफ्रास्ट्रक्चर ऑफ रोड तथा साइकोलॉजी ऑफ ड्राइवर आदि तत्वों को ध्यान में रखकर अपना शोध कार्य पूरा किया । इस घटना के मूल कारणों को उजागर करने के साथ-साथ इसका सफल उपाय भी शोधकर्ता हेमंत कुमार ने शोधपत्र में दिया गया है ।
जन जागरण गोष्ठी का आयोजन
अभियंता दिवस 15 सितंबर के अवसर पर हेमंत कुमार ने अपने विज्ञान प्रसार अभियान एच के शोध पीठिका के अंतर्गत एक जन जागरण गोष्ठी का आयोजन किया और इसमें वरिष्ठ अभियंताओं के सामने वाचन कर अपने इस शोधपत्र से परिचय कराया । हेमंत कुमार के इस शोधपत्र पर अधिकारियों ने हर्ष प्रकट किया, अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए और साथ ही आशा जताई कि अन्य स्थानों पर भी इसका लाभ लिया जा सकेगा ।
हेमंत सीरियल इनोवेटर के रूप में ख्यातिलब्ध
हेमंत कुमार सीरियल इनोवेटर के रूप में ख्यातिलब्ध हैं । इनके सात आविष्कारों को भारत सरकार से पेटेंट मिल चुका है। इन्होंने कई रिसर्च पेपर लिखे हैं, तथा गणितीय सूत्रों की भी खोज की है । बहुमुखी प्रतिभा संपन्न हेमन्त कुमार ग्राम फीना जिला बिजनौर के रहने वाले हैं और अनुसंधान एवं नियोजन खंड मुरादाबाद में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं तथा सिंचाई विभाग लखनऊ तेलीबाग के बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली, केंद्र परिकल्प भवन में पदस्थापित रहे । इंजीनियर हेमंत कुमार के नाम अनेक वैज्ञानिक उपलब्धियाँ दर्ज हैं । वैज्ञानिक और नवाचारी होने के अलावा इंजीनियर हेमंत कुमार स्थानीय इतिहासकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी ख्यातिलब्ध हैं ।
इस मौके पर मौजूद रहे
इस मौके पर अधीक्षण अभियंतागण रामेश्वर कुमार मिश्रा, रामप्रकाश प्रजापति, अधिशासी अभियंतागण सुनील कुमार, हरेन्द्र कुमार, बचन सिंह, सहायक अभियंता पवन कुमार, वैयक्तिक सहायक पवन कुमार संजय गुप्ता, कमल कुमार, जूनियर इंजीनियर प्रसून वर्मा, वेबमास्टर विभु श्रीवास्तव, डेटा एनालिस्ट अनीता मंडल, राजवर्धन सिंह, प्रवीण गोस्वामी, गीतिका अवस्थी शिवानी मौजूद रहे।
लखनऊ में सड़क के खास टुकड़े पर हो रही दुर्घटनाओं पर इंजी. हेमंत का जनोपयोगी शोधपत्र

