डॉ.दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
जनपद अमरोहा की आद्यौगिक नगरी गजरौला में संस्कार भारती का प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न, कला, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन का लिया संकल्प।
जनपद अमरोहा में पहली पर प्रांतीय आयोजन
कला, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के मेरठ प्रांत का प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन संस्कार भारती जनपद अमरोहा के तत्वावधान में गजरौला स्थित होटल पैराडाइज में सम्पन्न हुआ। अमरोहा जनपद में पहली बार आयोजित इस प्रांतीय अधिवेशन में मेरठ प्रांत के विभिन्न जनपदों से आए साहित्यकारों, कलाकारों, संस्कृति कर्मियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। अधिवेशन में भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिवेशन में मुख्य पाथेय प्रदान करते हुए संस्कार भारती के त्रिक्षेत्र संगठन मंत्री विजय श्री ने कहा कि एक दिशा, एक लक्ष्य और एक संकल्प ही संस्कार भारती का मूल ध्येय है। उन्होंने संघ की सौ वर्ष की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समाज को जागरूक करने और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने संस्कार भारती की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय कला, साहित्य, संगीत, नाट्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
पंच परिवर्तन की अवधारणा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख सुरेंद्र ने पंच परिवर्तन की अवधारणा तथा संघ की स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों को सामाजिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक सहभागिता से राष्ट्र निर्माण के कार्य को गति मिल सकती है।
अखिल भारतीय अधिकारी सुधीर कुमार ने संगठन के विस्तार की भावी योजना प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ताओं से समर्पण, सक्रियता और सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर कलाकारों, साहित्यकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक अभिरुचि रखने वाले लोगों को जोड़ना महत्वपूर्ण है।
वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया
संस्कार भारती मेरठ प्रांत के प्रांतीय महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्षभर में किए गए संगठनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यों का विवरण रखते हुए आगामी गतिविधियों की दिशा पर प्रकाश डाला। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष प्रो. वागीश दिनकर ने की। उन्होंने कला और साहित्य को समाज की चेतना का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सांस्कृतिक संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती मेरठ प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख एवं अधिवेशन के व्यवस्था प्रमुख डॉ. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार ने किया। उन्होंने अधिवेशन में पधारे अतिथियों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों तथा सांस्कृतिक उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष कुंवरपाल सिंह खड्गवंशी ने अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत और सम्मान करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद अमरोहा में प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन से क्षेत्र में कला, संस्कृति और साहित्य संबंधी गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
संगठन की भावी कार्ययोजना
संस्कार भारती अमरोहा के जिलाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल व सोनू सिंह ने मंचासीन अतिथियों का शाल व पटका ओढ़ाकर स्वागत किया। अधिवेशन में संगठन की भावी कार्ययोजना, सांस्कृतिक चेतना के विस्तार, युवाओं की सहभागिता तथा भारतीय परंपराओं के संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने संस्कार भारती के उद्देश्यों को समाज के अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने और सांस्कृतिक गतिविधियों को निरंतर गति देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर, डॉ. दलवीर सिंह, अखिलेश भाटी, यशवीर खटाना, अमित मित्तल, सुरेंद्र चौहान, प्रमोद शर्मा, गीता रानी, संगीता अहलावत, प्रेमप्रकाश अरोड़ा, राजकुमार पाल, अमृता श्रीवास्तव ममता राजपूत सहित अनेक पदाधिकारी, साहित्यकार, कलाकार एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कला और संस्कृति का संरक्षण ही संस्कार भारती का लक्ष्यः विजय

