डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
देश की प्राचीन नगरी हस्तिनापुर में डॉ. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार द्वारा लिखित पुस्तक हस्तिनापुर कल आज और कल का पूर्व केंद्रीय मंत्री व केरलम तथा बिहार के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ख़ान एवं स्वामी कर्मवीर द्वारा विमोचन किया गया। हस्तिनापुर का इतिहास में पहली बार हस्तिनापुर सहित्य महोत्सव आयोजन लिए देश विदेश में हिन्दी संवर्धन के लिए उल्लेखनीय योगदान दे रहे जनपद के मंडी धनौरा निवासी प्रख्यात लेखक व अंतरराष्ट्रीय हिंदी सेवी डॉ यतींद्र कटारिया की को उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ यतींद्र कटारिया की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए सम्मानित किया।
भारत की प्राचीन नगरी हस्तिनापुर के इतिहास में पहली बार आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव के आयोजन के अवसर पर आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सेवी व लेखक डॉ यतींद्र कटारिया की नई पुस्तक हस्तिनापुर कल आज और कल का विमोचन किया तथा तथा डॉ यतींद्र कटारिया द्वारा देश विदेश में हिंदी सेवा के लिए उनके योगदान तथा ऐतिहासिक हस्तिनापुर साहित्य उत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान व महर्षि पतंजलि अंतर्राष्ट्रीय योग विद्यापीठ के कुलाधिपति स्वामी कर्मवीर ने प्रतीक चिन्ह के साथ हस्तिनापुर से सम्मानित किया।
हस्तिनापुर साहित्य उत्सव का भव्य आयोजन
हस्तिनापुर के नजदीक स्थित ऐतिहासिक बहसूमा रियासत में क्षेत्रीय जनता व देश भर की साहित्यिक विभूतियों का भव्य समागम हस्तिनापुर के इतिहास में पहली बार आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव का साक्षी बना ।हस्तिनापुर साहित्य उत्सव का उद्घाटन पूर्व राज्यपाल केरल एवं बिहार आरिफ मोहम्मद खान श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी पूर्व पुलिस महानिदेशक देवराज नागर व डॉ वैदेही तामण द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
हस्तिनापुर की पावन ऐतिहासिक धरा पर आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप में प्रारंभ हुआ। महाभारतकालीन इस प्राचीन नगरी में सजे इस साहित्यिक महाकुंभ ने ज्ञान, संस्कृति और विचारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। हॅॅंसापुर बहसूमा रियासत हस्तिनापुर द्वारा आयोजित हस्तिनापुर साहित्य उत्सव अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वाधान में धूमधाम से मनाया गया तथा इस अवसर पर उद्घाटन सत्र के अवसर पर आत्मबोध से विश्व बोध विषय पर व्याख्यान माला आयोजित की गई
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय पूर्व राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को चार चाँद लगा दिए। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि हस्तिनापुर भारत के प्राचीन विरासत तथा आत्मबोध से विश्व बोध का संवाहक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन नगरी हस्तिनापुर में प्रथम बार आयोजित हस्तिनापुर सहित्य उत्सव साहित्य कला और सस्कृति का आधार बनेगा श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी हस्तिनापुर के प्राचीन इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हस्तिनापुर की बहसुमा रियासत के वैभवशाली इतिहास को आधुनिक इतिहास का गौरव कहा तथा महाराजा जैत सिंह नागर से लेकर राजा नैन सिंह गुर्जर तक के के समय को याद करते हुए मुगल काल के संघर्ष व 1857 की क्रांति में उनके योगदान का स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य स्वामी कर्मवीर जी महाराज ने की, जिनके आध्यात्मिक सान्निध्य ने पूरे आयोजन को दिव्यता से भर दिया। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि के रूप में श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी ने हस्तिनापुर के संदर्भ में सनातन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए हस्तिनापुर महोत्सव की सराहना की । मुम्बई से आई विख्यात लेखिका डॉ वैदेही तामण ने उत्सव का बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।
“आत्मबोध से विश्व बोध”
हस्तिनापुर साहित्य उत्सव का मुख्य आकर्षण “आत्मबोध से विश्व बोध” विषय पर आयोजित व्याख्यान रहा, जिसमें वक्ताओं ने आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागृति और वैश्विक चेतना के गहरे संबंधों पर प्रकाश डाला। विचारों की इस गहन धारा ने उपस्थित जनसमूह को आत्ममंथन और सकारात्मक जीवन दृष्टि के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम मे डॉ यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार द्वारा लिखित “हस्तिनापुररू कल, आज और कल” का विमोचन किया गया। इस कृति के माध्यम से हस्तिनापुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और समकालीन स्वरूप को उजागर किया गया है साथ ही साहित्यिक चेतना को नई दिशा प्रदान की है।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन इस उत्सव का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, भावपूर्ण और प्रेरणादायक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य, वीर रस, श्रृंगार और करुण रस की विविध प्रस्तुतियों ने वातावरण को सरस और जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी राष्ट्रीय महामंत्री डॉ पवनपत्र बादल सहित देशभर से अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रतिनिधि मौजूद रहे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने साहित्य साधकों के प्रति समाज के सम्मान और कृतज्ञता को अभिव्यक्त किया। उत्सव में श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के द्वारा अखिल भारतीय साहित्य परिषद के विभिन्न कार्यक्रमों में योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम का सफल आयोजन बहसूमा रियासत हस्तिनापुर एवं संबंधित साहित्यिक संस्थाओं के सहयोग से किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यकार, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह साहित्य उत्सव न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्यिक समृद्धि और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित यह उत्सव आने वाले समय में भी साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
इन्होंने विचार व्यक्त किए
हस्तिनापुर साहित्य उत्सव में मुख्य रूप से रजा लाइब्रेरी रामपुर के निदेशक डॉ पुष्कर मिश्रा लेखक पवन कुमार आईएएस प्रोफेसर पुरुषोत्तम पाटील प्रोफेसर लहरी राम मीणा डॉ प्रवीन सरस्वत कुंवर दवेंद्र सिंह गुर्जर सतीश कुमार अशोक कुमार महेश पांडे बजरंग अशोक चौधरी अरविंद भाटी महाकवि देवेंद्र देव मिर्जापुर एमएलसी पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सांसद चंदनचौहान नितिन पोसवाल कुलदीप नागर आदेश कटारिया प्रोफेसर बलजीत श्रीवास्तव निरुपमा अग्रवाल आदि द्वारा विचार व्यक्त किए गए ।
अमरोहा में भी होगा साहित्य महोत्सव
कार्यक्रम संयोजक डॉ यतींद्र कटारिया ने कहा कि हस्तिनापुर में प्रति वर्ष ऐतिहासिक रूप से हस्तिनापुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा उन्होंने घोषणा की कि जनपद अमरोहा में श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय परिसर में अमरोहा साहित्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर कला संस्कृति साहित्य और इतिहास से जुड़ी तमाम हस्तियां मौजूद रही, इस मौके पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा पूर्व विधायक सतवीर त्यागी और विधायक प्रशांत गुर्जर पूर्व विधायक योगेश वर्मा प्रख्यात शिक्षाविद् योगेश मोहन गुप्ता प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रमोद शर्मा धर्मशास्त्र रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक वैदेही तमिल आदि उपस्थित रहे। कुंवर देवेंद्र सिंह द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
यतींद्र बने अखिल भारतीय महासचिव
हस्तिनापुर के जय विलास पैलेस में हस्तिनापुर साहित्य महोत्सव के अवसर पर आयोजित आरएसएस के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय साहित्य परिषद की कार्य समिति की बैठक में डॉ यतींद्र कटारिया को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपते हुए साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की गई।
डॉ. यतींद्र कटारिया की पुस्तक हस्तिनापुर कल आज और कल भव्य विमोचन

