डॉ. दीपक अग्रवाल की पुस्तक-‘बढो गगन की ओर‘ से
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
उनका मन तो सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने का था, इसलिए बीएड किया और शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जाने के लिए नेट क्वालीफाई किया, लेकिन उन दिनों शिक्षकों की भर्ती का कोई विज्ञापन नहीं निकला। वे आईएएस और पीसीएस परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। उनके भीतर शुरू से आत्मनिर्भर बनने की चाहत थी। आईएएस में सफल न होने पर पीसीएस परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार बनने में सफलता हासिल की। वे पदोन्नति के बाद अब उपजिलाधिकारी के पद पर सेवारत हैं।
कानपुर में हुआ जन्म, पिता वैज्ञानिक थे
संघर्ष की यह कहानी अमरोहा की नवांगत उपजिलाधिकारी विभा श्रीवास्तव की है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 3 जून 1987 को कानपुर में हुआ। उनके पिता हरिशंकर श्रीवास्तव डीआरडीओ से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक थे, माता सरोज श्रीवास्तव गृहिणी हैं। एक भाई विकास श्रीवास्तव अदानी ग्रुप, अहमदाबाद में प्रबंधक हैं और दूसरे भाई आकाश श्रीवास्तव केनरा बैंक में प्रबंधक हैं। उनकी इंटर तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, कानपुर से हुई। इसके बाद उन्होंने जेएनजीपी गर्ल्स डिग्री कॉलेज से एमए (अर्थशास्त्र व प्राचीन इतिहास), दयानंद गर्ल्स डिग्री कॉलेज से स्नातक तथा दयानंद वुमेंस ट्रेनिंग कॉलेज, कानपुर से बीएड किया। वर्ष 2012 में उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्राथमिक व उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों पर पास की और प्राचीन इतिहास विषय में नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
उन्होंने बताया कि इस दौरान सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में भर्ती न होने के कारण वे प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गईं। आईएएस की परीक्षा में सफलता नहीं मिल पाई। पीसीएस 2009 की लिखित परीक्षा में वे सफल हुईं, लेकिन साक्षात्कार में रह गईं।
जुलाई 2014 में अलीगढ़ में नायब तहसीलदार
इसके बाद उन्होंने पीसीएस 2011 की परीक्षा में सफलता पाई, जिसका परिणाम वर्ष 2013 में आया। उन्होंने जुलाई 2014 में अलीगढ़ में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। अलीगढ़ में तत्कालीन उपजिलाधिकारी पंकज वर्मा के सिविल सर्विसेज मार्गदर्शन समूह से जुड़कर उन्होंने ग्रामीण परिवेश के निर्धन एवं मेधावी बच्चों को निःशुल्क सामान्य ज्ञान पढ़ाया, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। इससे पूर्व वे कानपुर में भी एक स्कूल में जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क पढ़ाती थीं।
2018 में तहसीलदार व 2023 में एसडीएम बनीं
वर्ष 2015 में मेरठ निवासी इंजीनियर अश्वनी श्रीवास्तव से उनका विवाह हुआ। उनके बेटा अथर्व श्रीवास्तव कक्षा 3 में अध्ययनरत है। वर्ष 2018 में उन्हें तहसीलदार पद पर पदोन्नति मिली। वे अगस्त 2018 से अगस्त 2019 तक प्रयागराज में तहसीलदार रहीं। इसके बाद अगस्त 2019 से जून 2023 तक मुरादाबाद में तहसीलदार के रूप में कार्य किया। जून 2023 में उन्हें एसडीएम पद पर पदोन्नति मिली। जून 2023 से सितंबर 2023 तक वे मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा तहसील में उपजिलाधिकारी रहीं। 3 अक्टूबर 2023 से वे अमरोहा में सेवारत हैं और वर्तमान में उपजिलाधिकारी अमरोहा हैं।
विभा श्रीवास्तव का संदेश…………उनका मानना है कि हर माता-पिता को अपनी बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए।

