डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलांे में ऐसे भी टीचर्स हैं जो अपने वेतन से बच्चों के विकास के लिए खर्च करने से पीछे नहीं हटते हैं। ऐसे ही विकास क्षेत्र हसनपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय सब्दलपुर शुमाली के प्रभारी प्रधानाध्यापक विजेंद्र सिंह हैं जिन्होंने अपने खर्च से छात्रों के लिए हाल ही में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण (स्कूल विजिट) का विशेष आयोजन किया । इस यात्रा के दौरान छात्रों ने देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व के स्थलों का अवलोकन किया।
भ्रमण के मुख्य आकर्षण-
छात्रों का दल बस द्वारा दिल्ली पहुँचा, जहाँ उन्होंने निम्नलिखित स्थानों का भ्रमण कर ज्ञान अर्जित किया
इंडिया गेट- यहाँ छात्रों ने देश के शहीदों को नमन किया और राष्ट्रीय गौरव का अनुभव किया।
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय-यहाँ बच्चों ने विज्ञान के चमत्कारों और पुरातत्व विज्ञान को करीब से देखा और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
लाल किला- ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर और उसकी वास्तुकला को देखकर छात्र मंत्रमुग्ध हो गए।
एक मिसाल निःस्वार्थ योगदान-
इस यात्रा की सबसे विशेष बात यह रही कि इसका संपूर्ण आयोजन प्रभारी प्रधानाध्यापक विजेन्द्र सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और छात्रों के प्रति प्रेम को दर्शाते हुए यात्रा का पूरा खर्च स्वयं वहन किया।
किसी भी छात्र से कोई धनराशि नहीं ली गई।
बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ बाहरी दुनिया और इतिहास का अनुभव कराना आवश्यक है। आर्थिक तंगी किसी बच्चे के सीखने की राह में बाधा न बने, यही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य था।
विजेन्द्र सिंह का यह प्रयास न केवल छात्रों के ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है कि एक शिक्षक अपनी निष्ठा से बच्चों का भविष्य कैसे संवार सकता है।
शिक्षक विजेन्द्र सिंह ने अपने निजी खर्च से स्कूल के बच्चों को दिल्ली शैक्षणिक यात्रा कराई

