डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बुढ़नपुर अमरोहा में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को “अध्यापन-अधिगम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों तथा डायट के संकाय सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
संगोष्ठी को एआई विशेषज्ञ डॉ. तारिक फराज, असिस्टेंट प्रोफेसर, जे.एस. हिन्दू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अमरोहा तथा डॉ. अंकुल शर्मा,असिस्टेंट प्रोफेसर, आईएफटीएम विश्वविद्यालय, मुरादाबाद ने संबोधित किया। वक्ताओं ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता, संभावनाओं तथा इसके प्रभावी प्रयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
एआई के बढ़ते महत्व को समझाया
संगोष्ठी के समन्वयक डॉ. कुन्दन सिंह एवं दीपक कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एआई के बढ़ते महत्व और शिक्षकों के लिए इसकी उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रभारी डायट प्राचार्य संजय कौशल एवं वरिष्ठ प्रवक्ता सहदेव गंगवार ने भी एआई को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ इसका विवेकपूर्ण और रचनात्मक उपयोग शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
संगोष्ठी में शिक्षकों एवं डायट संकाय सदस्यों ने एआई से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं तथा अध्यापन कार्य में इसके व्यावहारिक उपयोग को समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराते हुए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सरल एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना रहा।
डायट बुढ़नपुर में शिक्षा में एआई के उपयोग पर मंथन

