डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
शासन का पूरा फोकस बेसिक शिक्षा परिषद के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के सुधार पर है लेकिन नगर क्षेत्र के स्कूलों की जरूरतों की ओर ध्यान नहीं है। नगर क्षेत्र अमरोहा में दो कक्षों में पांच स्कूलों का संचालन किसी चमत्कार से कम नहीं है। शासन का इन स्कूलों में सुधार के लिए पहल करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में नगर क्षेत्र के स्कूलों की बदहाली किसी परिचय की मोहताज नहीं है। नगर क्षेत्र में न तो भवन हैं और न ही शिक्षकों की तैनाती हैं। अगर यह कहा जाए कि नगर क्षेत्र में सरकारी शिक्षा दम तोड़ती नजर आ रही है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। नगर क्षेत्र अमरोहा के स्कूलों की बेबसी का नजरा प्राथमिक विद्यालय लकड़ा में देखने को मिला।
प्राथमिक विद्यालय लकड़ा के पास कभी छह कमरों का भवन होता था लेकिन आज दो कमरे और उनके आगे बरामदा ही बन पाया है। बाकी जगह खाली पड़ी हैं जहां कक्षा कक्षों के निर्माण को धनराशि की जरूरत है। इस दो कमरे के प्राथमिक विद्यालय लकड़ा में प्राथमिक विद्यालय नौगजा बालक, प्राथमिक विद्यालय नौगजा बालिका, प्राथमिक विद्यालय कालाकुआं बालक, प्राथमिक विद्यालय कालाकुआं बालिका यानी कुल पांच स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन सभी स्कूलों को मिलाकर छात्र संख्या 258 बताई गई है। जबकि तीन शिक्षक मोहम्मद तौसीफ, अजंेद्र कुमार व नाजमीन हैं। इसके अलावा शिक्षा मित्र अनिता व परिचारक शादाब अहमद सेवारत हैं। पांचों स्कूलों के छात्र/छात्राओं को एक साथ मिलाकर पढ़ाया जाता है।
एक कमरे में कक्षा दो व तीन, दूसरे कमरे में कक्षा चार व पांच और बरामदे में कक्षा एक का संचालन किया जाता है। स्थिति यह है कि कमरों में बच्चों का बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
शासन को डिमांड भेजी है
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. मोनिका ने इस स्थिति में सुधार के लिए अपने स्तर से हर संभव प्रयास करने की बात कही। उधर डीसी निर्माण सत्यवीर सिंह ने बताया कि अतिरिक्त कक्षा कक्षों के लिए शासन को डिमांड भेजी गई।
आओ संवारे बेसिक स्कूलः दो कक्षों में पांच सरकारी स्कूलों का संचालन/छात्रों की संख्या 258

