डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
यजुर्वेद पारायण महायज्ञ का भव्य समापन तथा आर्याेदय पुस्तक का हुआ विमोचन
मंडी धनौरा, प्रख्यात इतिहासकार एवं राष्ट्रचिंतक डॉ. राकेश कुमार आर्य ने कहा कि भारत का सनातन वैभव विश्व को दिशा देने वाला रहा है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, वैदिक परंपराओं एवं सनातन संस्कृति से परिचित कराया जाए तथा यज्ञीय संस्कृति का जन-जन तक शंखनाद किया जाए। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और विश्वकल्याण का महान माध्यम है।
यजुर्वेद पारण महायज्ञ के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व आयुर्दय पुस्तक का आगंतुक अतिथियो द्वारा डॉ राकेश कुमार आर्य द्वारा संपादित आर्याेदय पुस्तक का विमोचन किया गया
कार्यक्रम में पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सदस्य विधान परिषद वीरेंद्र सिंह, पूर्व महानिदेशक, कुलदीप विद्यार्थी, अनूप अग्रवाल, नरेंद्र कटारिया, धर्मवीर भाटी एवं उधम आर्य डॉ सोरन सिंह पूर्व विधायक तोताराम सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वैदिक संस्कृति भारतीय जीवन-दर्शन की आधारशिला
वक्ताओं ने कहा कि वैदिक संस्कृति भारतीय जीवन-दर्शन की आधारशिला है तथा यज्ञीय परंपरा के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक गौरव का प्रसार किया जा सकता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए निरंतर आयोजित किए जाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संयोजन अंतरराष्ट्रीय हिंदी सेवी, प्रख्यात लेखक एवं वैदिक चिंतक डॉ. यतीन्द्र कटारिया विद्यालंकार ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में वैदिक संस्कारों और भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। महायज्ञ की पूर्णाहुति, वैदिक मंत्रोच्चार एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
भारत के सनातन वैभव से युवा पीढ़ी को परिचित कराएंः डॉ. राकेश कुमार आर्य

