डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह एवं जिला मंत्री मुकेश चौधरी के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षकों के साथ सांसद अमरोहा को प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा टैट परीक्षा की अनिवार्यता का दिया गया आदेश निराशाजनक है। सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। कहा कि 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त हुए शिक्षकों की सेवा में रहते हुए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर दिए गया अन्याय पूर्ण है।यह आदेश शिक्षकों की नियुक्ति की अहर्ता और सेवा के शर्तों के विपरीत है।
सांसद का पक्ष रखने का वादा
उन्होंने कहा कि आदेश अत्यंत निराशाजनक है। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए। क्योंकि शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन में इस प्रकार की अनिवार्यता नहीं थी।उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट एवं केन्द्र सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार विचार करते हुए शिक्षकों को टीईटी के अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। इस पर सांसद कंवर सिंह तंवर ने पूरा भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपका ज्ञापन भारत के लोकप्रिय माननीय प्रधानमंत्री तक पहुंच जायेगाऔर आपका पूरा पक्ष रखा जायेगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ प्रथी सिंह, जिला उपाध्यक्ष कुलदीप त्यागी,ब्लॉक अध्यक्ष गंगेश्वरी रामवीर सिंह, हसनपुर अध्यक्ष होमपाल सिंह चौहान, धनौरा अध्यक्ष योगेश चौधरी,रेखा रानी,पंकज शर्मा, कर्मवीर सिंह, हीरा सिंह,सतीश कुमार,नौबहार सिंह ,कुलदीप सिंह,जगत सिंह आदि मौजूद रहे।
टीईटी विरोधः प्राथमिक शिक्षक संघ ने सांसद को सौपा ज्ञापन

