सैल्यूटः लेटकर चिंगारी के संपादन में जुटे सूर्यमणि
डाॅ. दीपक अग्रवाल अमरोहा। ( सन शाइन न्यूज) हिंदी पत्रकारिता के भीष्म पितामह कह जाने वाले बाबूराव विष्णु पराड़कर जी मानते थे कि- चाहे लाख आंधी आए या तूफान। चाहे कोई संगा संबंधी बीमार पड़े या मरे। हमें तो समय पर समाचार पत्र निकालना ही होगा। इन पंक्तियों को बिजनौर से
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