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इं. हेमन्त कुमार का नाम पद्मश्री के लिए भेजा गया

डॉ. दीपक अग्रवाल
बिजनौर/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)

जिला बिजनौर के ग्राम फीना निवासी तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश में सहायक अभियंता हेमन्त कुमार का नाम विज्ञान तथा अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए भारत सरकार के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार हेतु भेजा गया है।
सहायक अभियंता हैं हेमन्त कुमार
हेमन्त कुमार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के डॉ. राम मनोहर लोहिया भवन तेलीबाग लखनऊ में स्थापित बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं । हेमन्त कुमार की अभिरुचि विद्यार्थी काल से ही खोजबीन, शोध, नवाचार, आविष्कार और सृजनात्मक कार्यों में रही है । हेमन्त कुमार ने जल अभियांत्रिकी तथा भवन निर्माण तकनीक जनजागरण के क्षेत्र में सामान्य से हटकर कार्य किया है जो कि महत्वपूर्ण रूप से जनोपयोगी भी सिद्ध हुआ । उनकी खोज, आविष्कार, नवाचार, अभियांत्रिकी शोध, तकनीकी स्वाबलंबन तथा तकनीकी साहित्य लेखन से आम जनता की बड़ी संख्या को उल्लेखनीय रूप में लाभ मिला ।
बड़ी बचत संग सरकार की छवि में भी अभिवृद्धि
उन्होंने ने अपनी नए नए प्रयोग करने की शैली, तकनीकों के स्वावलंबन तथा सीमित राजकीय संसधानों में शोध कार्य संपन्न किये जिससे राजकीय धन की बड़ी बचत तो हुई ही साथ ही विभाग व सरकार की छवि में भी अभिवृद्धि हुई और अन्य कार्मिकों को भी प्रेरणा मिली । वैज्ञानिक दृष्टि से संपन्न होने के साथ साथ वे साहित्यकर्म स्थानीय इतिहास संवर्धन और सामाजिक सरोकारों से भी गहराई के साथ जुड़े हैं और इन क्षेत्रों में बड़ा कार्य कर चुके हैं । इन असाधारण कार्यों के लिए इंजीनियर हेमन्त कुमार का नाम भारत सरकार के पद्मश्री पुरस्कार के लिए भेजा गया है।
बाढ़ से होने वाले नुकसान भी कम हुए
सिंचाई विभाग की इकाई बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र आधुनिक और अपरम्परागत तकनीकों द्वारा बाढ़ की विभीषिका को कम करने संबंधी उपायों पर कार्य करती है विशेषकर नदियों के मार्ग परिवर्तन और उससे होने वाले नुकसान की भविष्यवाणी यहाँ की जाती है । इस इकाई की स्थापना वर्ल्ड बैंक के वित्त पोषण से सन 2014-15 में हुई थी । भविष्यवाणी के लिए यहाँ रिमोट सेंसिंग तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन आधारित नवीन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है । अपनी स्थापना के मात्र 10-12 वर्ष में ही इस इकाई ने महत्वपूर्ण कार्य किया है । मुख्यतः इसने उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राप्ती नदी बेसिन में रिवर मोरफोलॉजिकल स्टडीज, एंबेंकमेंट एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम तथा फ्लड फोरकास्ट जैसे महत्वपूर्ण और उच्च प्रौद्योगिकी पर आधारित कार्य कराए हैं जिनसे बाढ़ की विभीषिका में कमी आई । इन कार्यों से जन-धन की हानि घटी है साथ ही राष्ट्रीय संसाधनों के बाढ़ से होने वाले नुकसान भी कम हुए ।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020
इन कार्यों की सफलता के कई और आयाम भी हैं जैसे कि तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अखिल भारतीय स्तर पर सभी राज्यों के जल प्रबंधन संबंधी उत्कृष्ट कार्याे की तुलना के आधार पर उत्तर प्रदेश को उसके नौ विशिष्ट कार्यों के आधार पर वर्ष 2020 का राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020 दिया था । इन नौ विशिष्ट चयनित कार्यों में नवाचारी वर्ग में बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र के उपरोक्त तीन कार्य भी सम्मिलित थे जोकि यहाँ के लिए विशिष्ट उपलब्धि बना । इन नौ कार्यों में एक के प्रभारी सहायक अभियन्ता के रूप में इं० हेमन्त कुमार रहे । इन कार्यों की सफलता की चर्चा ब्रह्मपुत्र बोर्ड असम, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, केंद्रीय जल आयोग,आपदा विभाग उत्तर प्रदेश, जैसे बड़े पटल पर भी हुई । सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अलावा भारत में भी अपवाद को छोड़कर यह कार्य पहली बार कराए गए। इन कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता रखने वाली कंसल्टेंसी द्वारा सिंचाई विभाग के निर्देशन में पूरा कराया गया ।

सवा करोड़ रुपए की धनराशि बची
विदित हो कि बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र के अधीन रिवर मॉर्फाेलॉजिकल स्टडी तथा एंबेंकमेंट एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम के विकास में हेमन्त कुमार के शोध और समर्पित प्रयासों का विशेष योगदान रहा । इस तकनीक को उन्होंने विशेष प्रयास करके टीम के सम्मिलित सहयोग से स्वावलंबी भी बनाया । इन कार्यों में उनके विशिष्ट योगदान और स्वावलंबन से सरकार को अभी तक सवा करोड़ रुपए की धनराशि बच चुकी है । इन कार्यों से विभाग का नाम बढ़ा तथा सरकार की छवि में अभिवृद्धि हुई साथ ही कार्मिक भी और बेहतर करने के लिए प्रेरित हुए । उन्हें बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र का एक मजबूत स्तम्भ भी गिना जाता है।
ख्यातिलब्ध तकनीकी शोधकर्ता
वे ख्यातिलब्ध तकनीकी शोधकर्ता भी हैं । इनके सात आविष्कारों को भारत सरकार से पेटेंट मिल चुका है । जल अभियांत्रिकी में उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए जल शक्ति मंत्री तथा विभागाध्यक्ष द्वारा इनको प्रतिष्ठित और प्रदेश स्तरीय ए एन खोसला पदक भी दिया जा चुका है।
व्यक्तित्व बहुआयामी

उनका व्यक्तित्व बहुआयामी है । उनकी कई तकनीकी पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें से एक जनोपयोगी पुस्तक विविध प्रकार के भवनों का परिचय एवं नक्शे को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने प्रदेश स्तरीय संपूर्णानंद नामित पुरस्कार और पचहत्तर हजार की धनराशि भी प्रदान की । हेमन्त कुमार भवन निर्माण तकनीक जनजागरण अभियान के संस्थापक भी हैं । इसके माध्यम से भवन निर्माण तकनीक को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने के लिए आपने महत्वपूर्ण कार्य किया हैं । इसके अंतर्गत अनेक जन जागरण गोष्ठियां आयोजित कराई और इन गोष्ठियों में जनोपयोगी साहित्य का वितरण कराया गया । जिससे बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं ।
वर्ष 2014-15 में बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा अधिशासी अभियंता राम प्रकाश प्रजापति को नियुक्त किया गया था। इसके बाद वर्ष 2016-17 में तकनीकी संवर्ग से इंजीनियर हेमन्त कुमार सहायक अभियंता के रूप में यहां नियुक्त कराए गए । हेमन्त कुमार ने स्वावलंबन और अल्प संसाधनों से ही यहाँ कई महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किए । नवाचार के रूप में स्वप्रेरणा से हेमन्त ने बिना किसी अतिरिक्त खर्च के हजारों महत्वपूर्ण राजकीय फाइल्स का सुव्यवस्थित डिजिटल डेटा बैंक तैयार कराया ।

तकनीक विस्तार की दृष्टि से हेमन्त कुमार का जमीनी जुड़ाव भी उल्लेखनीय है विशेषकर आपने ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किया । राजकीय कार्यों में सराहनीय योगदान के अलावा सामाजिक रूप से भी हेमन्त कुमार क्रियाशील हैं । ग्राम फीना में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक कीर्ति स्तंभ तथा जाहर दीवान मंदिर का डिजाइन हेमन्त कुमार ने ही बनाया । उन्होंने हरियाली विस्तार के लिए पेड़ जियाओ अभियान तथा स्थानीय इतिहास के संवर्धन के लिए क्षेत्रीय इतिहास संकलन एवं लेखन अभियान की स्थापना की हैं ।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में चार बार

तकनीकी क्षेत्र में शोध कार्यों के अलावा वे स्थानीय इतिहासकार, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, नवाचारी खोजकर्ता के रूप में भी ख्यातिलब्ध हैं । विविध विषयों पर इनकी ग्यारह पुस्तक प्रकाशित हो चुकी हैं । सामाजिक कार्यों और लेखन के लिए इनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में चार बार दर्ज हो चुका हैं । राष्ट्रीय स्तर पर मनाये गए आजादी के अमृत महोत्सव में हेमन्त कुमार ने इस महोत्सव से जुड़ी पाँच पुस्तकें लिखकर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया । इन्हीं में से एक पुस्तक का लोकार्पण उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल मा० भगत सिंह कोश्यारी ने किया । इं० हेमन्त कुमार के इतिहास कार्यों को देखते हुए मंडलायुक्त मुरादाबाद ने इनको मण्डलीय गज़ेटियर-2 (हिन्दी, वर्ष 2024) की मंडल स्तरीय संकलन समिति में स्थान दिया ।
कई मंचों पर सम्मान
इनको मुंबई, भोपाल, जयपुर, रुड़की, हरिद्वार, लखनऊ, चित्रकूट सहित देश प्रदेश में छोटे बड़े मंचों से अनेक बार सम्मानित किया गया है । हेमन्त कुमार के इन कार्यों और उपलब्धियों से विभाग की छवि में अभिवृद्धि हुई साथ ही अन्य कार्मिकों को प्रेरणा भी मिली ।
हेमन्त कुमार द्वारा राजकीय धन की बड़ी बचत कराने, न्यूनतम संसाधनों का प्रयोग करते हुए उत्कृष्ट तकनीकी शोध संपन्न करने, जनोपयोगी साहित्य सृजन तथा उच्च तकनीक में स्वावलंबन के कार्यों को देखते हुए अधीक्षण अभियंता रामप्रकाश प्रजापति द्वारा हेमन्त कुमार का नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए भेजा गया है ।

अभियांत्रिकी और विज्ञान के क्षेत्र में इंजीनियर हेमन्त कुमार के उपरोक्त कार्याे की महत्ता तथा कार्मिकों एवं जन सामान्य पर सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए बरेली मुरादाबाद खंड स्नातक एम एल सी एवं शिक्षाविद् डॉव जयपाल सिंह व्यस्त ने भी सरकार को पत्र लिखकर हेमन्त कुमार को पद्मश्री दिए जाने की संस्तुति की है ।

अपने नामांकन के संबंध में बात करने पर हेमंत कुमार ने कहा कि पद्मश्री पुरस्कार हेतु नामांकन से बहुत संबल मिला है और इसके परिणामों की सफलता-असफलता से इतर खोज, नवाचार, शोध, साहित्य सृजन और विविध क्षेत्रों में रचनात्मक कार्यों को करते रहेंगे ।

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Dr. Deepak Agarwal
Dr. Deepak Agarwal is the founder of SunShineNews. He is also an experienced Journalist and Asst. Professor of mass communication and journalism at the Jagdish Saran Hindu (P.G) College Amroha Uttar Pradesh. He had worked 15 years in Amur Ujala, 8 years in Hindustan,3years in Chingari and Bijnor Times. For news, advertisement and any query contact us on deepakamrohi@gmail.com
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