डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
जनपद-अमरोहा के बीआरसी नारंगपुर पर विकास खण्ड जोया के 50 सुगमकर्ताओं का मीना मंच का 2 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सन्दर्भदाता सीमा रानी व प्रीति शर्मा रहे।
नेतृत्व क्षमता विकास लक्ष्य
यह प्रशिक्षण स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी के अंतर्गत विद्यालयों में बालिकाओं के सशक्तीकरण, लैंगिक समानता एवं नेतृत्व क्षमता विकास को लक्ष्य बनाकर आयोजित की गई । कार्यशाला के दौरान मीना मंच की अवधारणा, उद्देश्य एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को मीना मंच की आधा – फुल छह प्रकार की कॉमिक पुस्तकों आदि से परिचित कराया गया। इन कॉमिक पुस्तकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि कहानियों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मूल्यों, समानता, संवेदनशीलता एवं सकारात्मक सोच का विकास करना है। बच्चों के साथ चर्चा, गतिविधियां, प्रश्र किस प्रकार से जरूरी हैं।सत्रों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शिक्षा प्रक्रिया में व्यक्ति विशेष के बजाय गुणों को महत्व दिया जाए, तथा रूढ़िवादी (स्टेरियोटाइप) सोच से बचते हुए बालिकाओं को निर्णय लेने एवं नेतृत्व के अवसर प्रदान किए जाएँ। कॉमिक पुस्तकों का निर्माण टीचर स्वयं भी बच्चों से करवा सकता है और एक प्रभावी माध्यम से इस विधा में अपनी बात कह सकता है। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में नवाचार एवं प्रगति कार्यक्रम, ज्ववस-10 पर चर्चा, अरमान मॉड्यूल, अभिभावक सहभागिता हेत सामग्री तथा वीरांगना पोर्टल की उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
बीईओ भारत भूषण ने कार्ययोजना तैयार करवाई
प्रतिभागियों से कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी जोया भारत भूषण त्यागी ने आगामी कार्ययोजना तैयार करवाई गई ताकि विद्यालय स्तर पर मीना मंच की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। मीना मंच एक सशक्त माध्यम है बच्चों की कोशिश को पंख लगाने के लिए, रूढ़ियों को तोड़ने के लिए, सपनों को सच करने के लिए जरूरत है बस दृढ़ इच्छाशक्ति की।कार्यशाला के समापन अवसर पर ने मीना मंच को बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल बताते हुए इसे विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर एआरपी भूपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
बालिकाओं के सशक्तीकरण पर बल

