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शोध और नवाचार से सरकार के सवा करोड़ बचाने हेतु बिजनौर के इंजीनियर हेमन्त सम्मानित

डॉ. दीपक अग्रवाल
बिजनौर/लखनऊ/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)

जिला बिजनौर के ग्राम फीना निवासी इंजीनियर हेमन्त कुमार ने अपने नवाचार, शोध तथा स्वावलंवन के माध्यम से राजकीय धन की बड़ी बचत कराई है जिसके लिए इन्हें लखनऊ में मुख्य अभियंता सूचना प्रणाली संगठन द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया।
इं. हेमन्त कुमार सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थिति बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र में सहायक अभियंता हैं। यहाँ रहते हुए इन्होंने एम्बैंकमेंट ऐसेट्स मैंनेजमेंट सिस्टम नामक नवाचारी पोर्टल के विकास और इसे स्वावलम्बी बनाने में टीम के साथ मुख्य और नेतृत्वकारी भूमिका निभाई जिससे अभी तक सरकार को लगभग सवा करोड़ के राजकीय धन की बचत हुई है । साथ ही इस पोर्टल के स्वावलंबन से प्रति वर्ष लगभग दस लाख रूपये की बचत आगे भी होते रहने का अनुमान है। इस पोर्टल के द्वारा देश तथा प्रदेश के सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित बेसिन में से एक राप्ती नदी बेसिन में नदी की मुख्य जलधारा से तटबंधों के कटान संबंधी भविष्यवाणी की जाती है। यह भविष्यवाणी इस बेसिन में बाढ़ की विभीषिका तथा इससे होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है। विदित हो कि राप्ती नदी बेसिन में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित होते हैं तथा करोड़ो का नुकसान होता है ।
अब इस कार्य के लाभकारी परिणामों की चर्चा उत्तर प्रदेश से बाहर के राज्यों में भी हो रही है । एम्बैंकमेंट सुरक्षा से जुड़े इस नवाचारी पोर्टल की प्रसंशा ब्रह्मपुत्र बोर्ड असम और गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना ने की है साथ ही इसी तर्ज पर अपने यहाँ आवश्यक स्थानों पर इसे लागू करने पर विचार किया । तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश को उसके नौ उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020 प्रदान किया था। इन नौ कार्यों में भी एम्बैंकमेंट ऐसेट्स मैंनेजमेंट सिस्टम एक था। विश्व बैंक ने भी इस कार्य की सराहना की है । इस तरह यह कार्य राज्य सरकार की छवि बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ है। हेमन्त कुमार के शोध और नवाचारी कार्य इस पोर्टल के विकास और स्वावलंबन में अत्यंत सहयोगी सिद्ध हुए जिसके लिए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता की ओर से अधीक्षण अभियंता रामेश्वर कुमार मिश्रा अधिशासी अभियंता संजय कुमार हरेंद्र कुमार द्वारा इनको प्रशस्ति पत्र हस्तगत किया गया।
नदियों के मार्ग बदलने और विसर्पित होने की प्रवृत्ति पर भी हेमन्त कुमार ने शोध कार्य किया है। इनकी शोध के अनुसार स्योहारा क्षेत्र में खो नदी सर्वाधिक मार्ग परिवर्तन करती है। नहटौर क्षेत्र में गाँगन तथा नूरपुर अमरोहा क्षेत्र में बान के कुछ स्थान नदी कटान के प्रति अति संवेदनशील पाये गए हैं। हेमन्त कुमार के शोध नीड़ टू प्रोटेक्ट मिएण्डर नैरो नेक एंड हेमन्त कुमार इंडेक्स एंड फॉर्मूला फॉर फाइंडिंग इट्स वलनेरेबलटी लेवल के अनुसार हिमालय के गंगा बेसिन मे यदि भारी भूस्खलन होता है तो हरिद्वार बिजनौर मुजफ्फरनगर जनपदों में भी इसका असर जलधारा के विचलन के रूप में पड़ता है । इस शोध के अंतर्गत जनपद कुछ ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों को भी खोजा गया है जहाँ नदी किसी महत्वपूर्ण संरचना को काट सकती है।
हेमंत कुमार लम्बे समय से शोध नवाचार आविष्कार और तकनीकी लेखन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जिनके लिए इन्हें ए एन खोसला पदक और सम्पूर्णानंद नामित जैसे प्रतिष्ठित राजकीय पुरस्कार मिल चुके हैं । इनके सात आविष्कारों को भारत सरकार से पेटेंट मिला है और कई शोध भी प्रकाशित हुए हैं । हेमन्त कुमार ग्यारह पुस्तक लिख चुके हैं जिनमें चार तकनीक विषयक हैं । इं० हेमंत कुमार के कार्य अन्य के लिए प्रेरक सिद्ध हो रहे हैं । इस अवसर पर मौजूद रहे सहायक अभियंता पवन कुमार विजय रावत आलोक कुमार जितेन्द्र कुमार रामजनक जूनियर इंजीनियर कमल कुमार वरिष्ठ सहायक पवन कुमार गौतम सुशील कुमार आदि ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर इं० हेमन्त कुमार को बधाई दी ।

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Dr. Deepak Agarwal
Dr. Deepak Agarwal is the founder of SunShineNews. He is also an experienced Journalist and Asst. Professor of mass communication and journalism at the Jagdish Saran Hindu (P.G) College Amroha Uttar Pradesh. He had worked 15 years in Amur Ujala, 8 years in Hindustan,3years in Chingari and Bijnor Times. For news, advertisement and any query contact us on deepakamrohi@gmail.com
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