डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
सुप्रीम कोर्ट को फैसले पर करना चाहिए पुनर्विचार: मुकेश चौधरी
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद अमरोहा की कार्यसमिति की बैठक 11 सितंबर को जिला मंत्री मुकेश चौधरी के आवास पर हुई। बैठक में प्रांतीय अकाउंटेंट एवं जिलाध्यक्ष अमरोहा यशपाल सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा टेट परीक्षा की अनिवार्यता का दिया गया आदेश निराशाजनक है।
10 लाख टीचर्स पर संकट
जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त हुए शिक्षकों को सेवा में रहते हुए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने पर दिए गया निर्णय अन्याय पूर्ण है। यह आदेश शिक्षकों की नियुक्ति की अहर्ता और सेवा के शर्तों के विपरीत है। इस फैसले से 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षक सीधे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यदि अगले 2 वर्षों में टेट की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की तो वह सेवा से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आदेश अत्यंत निराशाजनक है। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए। क्योंकि शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन में इस प्रकार की अनिवार्यता नहीं थी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को शिक्षकों को न्याय देकर टीईटी की अनिवार्यता से बचाया जाएं।
16 को पीएम को ज्ञापन भेजेंगे
जिला मंत्री मुकेश चौधरी ने कहा कि टेट परीक्षा की अनिवार्यता के आदेश के विरोध में आगामी 16 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर जनपद भर के शिक्षक प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट एवं केन्द्र सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार विचार करते हुए शिक्षकों को टीईटी के अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ प्रथी सिंह, जिला उपाध्यक्ष नीरज चौहान,ब्लॉक अध्यक्ष हसनपुर होमपाल सिंह चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष गंगेश्वरी रामवीर सिंह, ब्लॉक मंत्री विवेक चौधरी, ब्लॉक रेखा रानी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
टेट परीक्षा की अनिवार्यता का आदेश निराशाजनक : यशपाल सिंह

