पुण्य तिथि पर दामाद डॉ.दीपक अग्रवाल की श्रद्धांजलि
अमरोहा/बिजनौर/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
बिजनौर में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले महान् स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद प्रकाश गुप्ता उर्फ आनंद भाई एक ऐसे अनोखे व्यक्तित्व के धनी थे कि उन्हांेने जीवन भर उपहार बांटे। लेकिन कभी उपहार लिया नही। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आमंत्रण पर भी सम्मानित होने दिल्ली नहीं गए। उन्हांेने कभी किसी के यहां कुछ खाया भी नहीं।
वे 16 अगस्त 2022 की रात को पंचतत्व में विलीन हो गए थे। 17 अगस्त को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। गौरतलब है कि बिजनौर में नई बस्ती में रहने वाले आनंद भाई अपने स्वभाव के अनूठे थे। वे उनसे मिलने आने वाले हर व्यक्ति को बिना खिलाए और उपहार दिए नहीं भेजते थे। लेकिन कभी किसी मंच से सम्मानित नहीं हुए। कई बार जिलाधिकारी और एसपी उन्हें सम्मानित करने उनके आवास पर आए लेकिन उनसे भी क्षमा मांग ली।
उनके स्वर्गवास की जानकारी मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी उमेश मिश्र और एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने जरूर उनके आवास पर आकर पहली बार उन्हें मरणोपरांत सम्मान दिया। उनके आवास पर ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह ऐसा मौका था जब तमाम शहर वासियांे ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
आनंद भाई अगर किसी शादी मंे भी जाते थे तो खाना अपने घर से लेकर जाते थे। उन्हें कभी किसी के घर एक गिलास पानी तक नहीं पिया।
ऐसे महान व्यक्तित्व को सादर नमन!
स्वतंत्रता सेनानी आनंद गुप्ता/उपहार देते पर लेते नहीं/खिलाते पर खाते नहीं

