साभारः डॉ. दीपक अग्रवाल की पुस्तक ‘‘बढ़ो गगन की ओर‘‘
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
वे बचपन से ही पढ़ने में टॉपर रहीं। उन्होंने पहले डॉक्टर बनने का लक्ष्य बनाया और सरकारी मेडिकल कॉलेज में परीक्षा के माध्यम से एम॰बी॰बी॰एस॰ में चयन भी हो गया, लेकिन एक घटना के बाद वे इंजीनियरिंग की ओर मुड़ गई। इंजीनियर बन एक प्रख्यात कंपनी में नौकरी की, लेकिन दो साल में ही इस मशीनरी नौकरी से मन उचट गया। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि इतनी योग्यता होने के बाद भी उनकी प्रतिभा का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा है, दूसरे इस नौकरी से समाज से भी कट गए। उनके मन में समाज और जरूरतमंद लोगों की सहायता के विचार आते रहते थे। उन्होंने मन पक्का कर नौकरी छोड़ दी और आई०ए०एस० बनने में सफल हुईं।
सफलता की यह कहानी अमरोहा की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 13 अगस्त 1987 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता मोहन लाल गुप्ता ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, दिल्ली से सेवानिवृत्त निदेशक, माता प्रियम्बदा गुप्ता गृहिणी और भाई नवल गुप्ता गुड़गाँव में प्राइवेट सेक्टर में सेवारत हैं। उनकी कक्षा 8 तक की शिक्षा पिता के स्थानांतरण के कारण दिल्ली, भुवनेश्वर, लखनऊ, अहमदाबाद और जयपुर में हुई। कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा ऑक्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली से प्राप्त की। कक्षा 12 में उनके पास फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स, बायो और अंग्रेजी विषय थे। वे पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं। उन्होंने कक्षा 10 में 96.8 प्रतिशत अंकों के साथ दिल्ली प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की और इंटर में 92.2 प्रतिशत अंक रहे।
निधि ने बताया कि उनके माता-पिता का उन्हें हमेशा सहयोग मिला, लेकिन पढ़ाई में क्या करना, इसका निर्णय वे स्वयं लेती थीं। उन्होंने पहले मेडिकल में जाने का मन बनाया और परीक्षा के माध्यम से उनका सरकारी कॉलेज में एम०बी०बी०एस० में चयन भी हो गया, लेकिन एडमिशन से पहले ही एक दुर्घटना को देखकर उनका मन मेडिकल से उचट गया। इसके बाद उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, दिल्ली से बीटेक (आई०टी०) में किया और टॉपर रहीं। उसके बाद उनका माइक्रोसॉफ्ट कंपनी, हैदराबाद और अडोबी कंपनी, नोएडा में सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर शानदार पैकेज पर चयन हो गया। उन्होंने अडोबी कंपनी, नोएडा में सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद पर वर्ष 2009 से 2011 तक कार्य किया। इस नौकरी से मन उचट गया और नौकरी छोड़ आई०ए०एस० की तैयारी में जुट गई।
वे वर्ष 2013 में आई॰आर॰एस॰ बनने में सफल हुईं और ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2015 में असिस्टेंट कमिश्नर (जी०एस०टी०), गाजियाबाद में ज्वाइन किया। उनके नौकरी ज्वाइन करने के दो महीने बाद ही आई०ए०एस० 2014 की परीक्षा का परिणाम आया और उनका तीसरी रैंक पर चयन हुआ। वे वर्ष 2015 में नौकरी छोड़कर आई०ए०एस० की ट्रेनिग के लिए चली गईं।
उन्हें प्रथम नियुक्ति लखनऊ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर मिली, वे इस पद पर अक्टूबर 2017 से फरवरी 2019 तक रहीं, फरवरी 2019 से जुलाई 2019 तक अपर आयुक्त आवास रहीं। उन्होंने जुलाई 2019 से जनवरी जनवरी 2021 तक हरदोई में सी०डी०ओ० के पद पर कार्य किया। वे नवंबर 2021 से जुलाई 2022 तक विशेष सचिव आबकारी और जुलाई 2022 से सितंबर 2024 तक नगर आयुक्त, बरेली रहीं। निधि गुप्ता वत्स ने 15 सितंबर 2024 को अमरोहा में जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उनके पति अनुराग वत्स 2013 बैच के आई०पी०एस० हैं और आई०बी०, देहरादून में सेवारत हैं। उनकी बेटी उर्वी वत्स कक्षा दो में और धुव्री वत्स एल०के०जी० में अध्ययरत हैं।

