डॉ.दीपक अग्रवाल
अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
हिंदी विभाग जे.एस. (पी.जी.) कॉलेज, अमरोहा एवं हिंदी साहित्य भारती, अमरोहा के संयुक्त तत्वावधान में काव्य मंजूषा नामक पुस्तक का विमोचन समारोह आयोजित किया गया।
71 कवियांे को स्थान
यह पुस्तक हिंदी साहित्य भारती एवं आर्यावर्त जन उत्थान न्यास द्वारा प्रकाशित है। इसके संपादकद्वय प्रोफेसर बीना रुस्तगी एवं डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि ग्रंथ में अमरोहा के विगत 100 वर्षों से आज तक हिंदी साहित्य लेखन में सक्रिय रहे कवियों की संक्षिप्त परिचय के साथ दो प्रतिनिधि कविताएं संकलित कर प्रकाशित की गई हैं। इसमें कुल 71 कवियों को इसमें स्थान दिया गया है। 224 पृष्ठ की इस पुस्तक में अमरोहा जनपद के कई वरिष्ठ स्मृतिशेष कवियों के साथ-साथ वर्तमान में काव्यमंचों पर सक्रिय साहित्यकार व नवोदित कवियों की कवितायें इसमें सम्मिलित हैं।
मुख्य अतिथि हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षामंत्री उ.प्र. डॉ. रवीन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिंदी साहित्य भारती न केवल भाषा के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करती है अपितु भारतीय संस्कृति, सभ्यता, संस्कार तथा मानवमूल्यों से संबंधित सभी प्रमुख विषयों पर रचनात्मक कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। यह व्यापक जागृति करने वाला एवं रचनात्मक आंदोलन है, जिससे लगभग 35 देश के सकारात्मक सोच वाले हजारों साहित्य प्रेमी जुड़े हुए हैं।
पाठकों में नयी ऊर्जा का संचार
विशिष्ट अतिथि हिंदी साहित्य भारती उत्तर प्रदेश के प्रभारी एवं हिंदी व संस्कृत के मूर्धन्य कवि प्रोफेसर वागीश दिनकर ने कहा कि अमरोहा कार्यकारिणी द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक नई पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रेरित करेगी तथा पाठकों में नयी ऊर्जा का संचार करेगी। प्रोफेसर दिनकर ने अपनी ओजपूर्ण शैली में काव्यपाठ कर खूब तालियां भी बटोरी। प्रबंधसमिति के अध्यक्ष संजय मालीवाल ने आगंतुकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति समस्त सामाजिक समस्याओं का स्थायी समाधान प्रस्तुत कर सकती है, इसलिए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। प्रबंध समिति के मंत्री योगेश कुमार जैन ने कहा कि अमरोहावासियों की हिंदी कविता से रुचि बहुत लंबे समय से रही है। समय-समय पर साहित्यिक कार्यक्रम होते रहते हैं, यह सब अमरोहा की हिंदी के प्रति लगाव और निष्ठा को दर्शाता है।
आर्यावर्त जन उत्थान न्यास का प्रयास
विशिष्ट अतिथि डॉ. मोमराज सिंह गुर्जर ने कहा कि पूरे जनपद के साहित्यकारों को एक ही पुस्तक के माध्यम से उपलब्ध कराने का कार्य सराहनीय है। प्रोफेसर अशोक कुमार रूस्तगी ने कहा कि आर्यावर्त जन उत्थान न्यास की ओर से इस प्रकार के साहित्य का प्रकाशन निरंतर किया जाता रहा है और हम निरंतर भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के उन्नयन के लिए लिखे जा रहे साहित्य का विभिन्न विधाओं के माध्यम से प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार हर संभव करते रहेंगे। प्रोफेसर बीना रूस्तगी ने आगंतुकों का परिचय एवं स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध कवयित्री शशि त्यागी ने सरस्वती वन्दना तथा शिवम शर्मा ने स्वरचित काव्यपाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. मधु चतुर्वेदी ने की। जिन्होंने धर्म, दर्शन, साहित्य पर गम्भीर चर्चा की तथा सुमधुर गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन पुस्तक के संपादक एवं हिंदी साहित्य भारती, अमरोहा के महामंत्री डॉ. अरविंद कुमार ने किया।
मौजूद रहे
इस अवसर पर प्रो.मनन कौशल, डॉ. बबलू सिंह, डॉ. यतीन्द्र कटारिया, डॉ. नवनीत बिश्नोई, डॉ. रश्मि गुप्ता, डॉ हिमांशु शर्मा, डॉ. राजकिशोर शुक्ल, डॉ. बीना शर्मा, डॉ. पीयूष कुमार शर्मा, डॉ. राजेश सारस्वत, डॉ मोहित शर्मा, हेतराम सागर, डॉ. एन.पी.मौर्य, राहुल मोहन माहेश्वरी तथा महाविद्यालय के विद्यार्थीगण व साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
जेएस कालेज में हुआ पुस्तक ‘‘काव्य मंजूषा‘‘ का विमोचन

