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योग समन्वयक अमित सिंहः योग करो और कराओ जीवन में बदलाव होगा

डॉ. दीपक अग्रवाल
प्रयागराज/अमरोहा/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में योग समन्वयक/सहायक आचार्य (योग) अमित कुमार सिंह ने कहा कि नियमित योग करो और कराओ निश्चित रूप से जीवन में बदलाव होगा।
ऑन लाइन सत्रों का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2025 एक पृथ्वी-एक समान थीम के संग उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा के तत्वावधान में ऑनलाइन प्रातः 6.30 बजे से 7.30 बजे तक योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण और सांय 6.30 बजे से 7.30 बजे तक हठयोग साधना शिविर का 16 से 20 जून तक शानदार आयोजन किया गया।
दोनों सत्रों में इस प्रशिक्षण को योग समन्वयक/सहायक आचार्य (योग) अमित कुमार सिंह ने संचालित किया। इसमें उन्होंने बड़ी तन्मयता, लगन और निष्ठा के साथ योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया व हठयोग की साधना के टिप्स दिए। इस कार्यक्रम से विश्वविद्यालय से योग डिप्लोमा और एमए कर रहे प्रशिक्षुओं के अलावा अन्य योग साधक भी जुड़े।
आहार को सही करने की जरूरत
प्रशिक्षण में सहायक आचार्य अमित ने बताया कि सबसे पहले हमें अपने आहार को सही करने की जरूरत है। उन्हांेने सचेत किया कि सेब और अंगूर बेमौसम नहीं खाने चाहिए। इनमें बहुत केमिकल का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने मौसमी फल और मौसमी सब्जी खाने पर बल देते हुए मितहार का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के किसानों से जुड़ो और उनसे आर्गेनिक उत्पाद अधिक मूल्य देना पड़े तब भी खरीदों। देशी गाय का दूध अमृत होता है ऐसी गाय की तलाश करो। अपना मंजन बनाओ, धीमी गति की चक्की में आटा तैयार कराओ। गेहूं में जौ, चना, बाजरा, मक्का आदि मिलाकर बनवाओ।
शरीर की जैविक क्लॉक के अनुसार भोजन
उन्होंने समय पर खाने पर भी जोर दिया। उन्होंने समझाया कि शरीर की जैविक क्लॉक के अनुसार भोजन करो तो स्वस्थ रहोगे। दिन में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक आमाशय में सर्वाधिक ंऊर्जा होती है इसीलिए इसी समय भोजन करना चाहिए।
आसन की बारीकियांे को सिखाते हुए बताया कि चाहे कम आसन करो लेकिन एक आसन को समय देना चाहिए। अगर समय नहीं देेंगे और उसे श्वास से नहीं जोड़ेंगे तो वह कसरत हो जाएगी। उन्होंने बताया कि समय का पाबंद होना भी बहुत जरूरी है। जब वे गांव में शिविर लगाते थे तो कोई नहीं आता था तब भी वे एक या दो जनों के साथ योगाभ्यास शुरू कर देते थे फिर धीरे-धीरे पूरा गांव एकत्रित हो जाता था।
दूसरों को भी सिखाओ

उन्होंने कहा कि आप सभी लोग दूसरों को भी सिखाओ़। पहले पांच किलोमीटर की परिधि के जूनियर हाईस्कूलों मंे जाओ, फिर इंटर कालेज और बाद में ड़िग्री कालेज में सिखाने जाओ। जितना अभ्यास करोगे उतना ही प्रतिभा में निखार आएगा। उन्होंने राम ध्यान सिखाने के साथ ही ध्यान के महत्व को इंगित किया। श्रीश्री रविशंकर जी की आवाज में चक्रों पर ध्यान करने की विधि भी सिखाई। उन्होंने कहा कि सीखने और सिखाने की कोई उम्र नहीं होती है। ज्ञान जिससे मिले ग्रहण करना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षुओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। कुल मिलाकर दोनों ही सत्रों से प्रशिक्षुओं को बहुत कुछ सीखने का मिला।

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Dr. Deepak Agarwal
Dr. Deepak Agarwal is the founder of SunShineNews. He is also an experienced Journalist and Asst. Professor of mass communication and journalism at the Jagdish Saran Hindu (P.G) College Amroha Uttar Pradesh. He had worked 15 years in Amur Ujala, 8 years in Hindustan,3years in Chingari and Bijnor Times. For news, advertisement and any query contact us on deepakamrohi@gmail.com
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