डॉ. दीपक अग्रवाल
अमरोहा /उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या 10 से कम हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पेयरिंग यानि मर्ज किया जाए।
बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएं
डीएम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इसमें डीएम ने कहा कि जनपद के जिन विद्यालयों में 0-10 बच्चे हैं उन्हें प्रायोरिटी दी जाए। उन्होंने कहा कि कम बच्चों के विद्यालयों को ऐसे विद्यालय में मर्ज किया जाए जिसकी बेसिक कंडीशन और स्ट्रक्चर ठीक हो और आंगनबाड़ी केंद्र जहां छोटे बच्चे होते हैं उन्हें वरीयता दी। विद्यालयों को मर्ज करते समय इस बात का अवश्य ध्यान दिया जाए कि विद्यालय की दूरी ज्यादा न हो, कोई बड़ा नाला न हो या रेलवे लाइन न हो जिससे बच्चों के जीवन को खतरा हो। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारी एवं सभी सीडीपीओ को निर्देश दिए की सर्वप्रथम ग्राम प्रधानों के साथ अभिभावकों के साथ अलग-अलग और आपस में संयुक्त बैठक अवश्य कर लें और एक कार्य योजना बना लें।
उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार विद्यालयों के बीच सहयोग, समन्वय तथा संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आनंददायक अधिगम का अनुभव प्राप्त हो सके। जनपद में विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में नवाचार एवं सुधार की अपार संभावनाएँ विद्यमान हैं। जनपद के अनेक परिषदीय विद्यालयों में जहाँ छात्र-छात्राओं का नामांकन अपेक्षाकृत कम है, वहाँ उपलब्ध भौतिक एवं शैक्षणिक संसाधनों-जैसे विद्यालय भवन, कक्षा-कक्ष, उपकरण, विभिन्न शैक्षणिक सामग्री आदि का समुचित और साझा उपयोग कर शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली एवं विद्यार्थी केन्द्रित बनाया जा सकता है। इस प्रकार विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के समन्वित उपयोग से न केवल शैक्षिक प्रक्रियाओं को समृद्ध किया जा सकता है, अपितु शिक्षक सहभागिता तथा प्रशासनिक कुशलता से विद्यार्थियों की अधिगम उपलब्धियों को भो बढ़ाया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. मोनिका, जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम निधि: अमरोहा में 10 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का मर्जर प्राथमिकता

