डॉ. दीपक अग्रवाल
बिजनौर/उत्तर प्रदेश (सनशाइन न्यूज)
ग्राम फीना जनपद बिजनौर निवासी इंजीनियर हेमन्त कुमार ने पेटेंट प्राप्त करने के लिए बुद्धवार को अपने पाँच नवाचार एक साथ भारत सरकार के बौद्धिक सम्पदा केंद्र दिल्ली में भेजे हैं । अब इन नवाचारों का नवीनता, आविष्कारी कदम, औद्योगिक प्रयोज्यता तथा पेटेंट योग्य विषय वस्तु की कसौटियों पर विस्तृत परीक्षण किया जायेगा और खरा उतरने के बाद पेटेंट ग्रांट होगा।
हेमन्त कुमार द्वारा भेजे गए नवाचारों में आवेदन संख्या 202411033921 टॉयलेट स्वच्छता उपकरण से सम्बंधित है आवेदन संख्या 202411033922 स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सिस्टम है आवेदन संख्या 202411033923 सिंचाई पेय जल और फ्री एनर्जी यंत्र से सम्बंधित है आवेदन संख्या 202411036774 चुनाव उपकरण से सम्बंधित तथा आवेदन संख्या 202511058447 सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र से जुड़े यंत्र के संबंध में है ।
लखनऊ में सेवारत इं0 हेमन्त
इं० हेमन्त सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उप्र के बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र डॉ० राम मनोहर लोहिया परिकल्प भवन लखनऊ में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं । इन पांच नवाचारों से पहले इंजीनियर हेमन्त कुमार ने आठ नवाचारों को पेटेंट हेतु आवेदन किया था जिसमें सात आविष्कारों को पेटेंट प्राप्त हुआ है, जबकि एक में विफलता मिली थी । अब इन पांचों नवाचारों का परीक्षण होगा और उसमें उत्तीर्ण होने पर ही पेटेंट मिलेगा । सफलता विफलता के इतर स्वयं अपने प्रयास से पाँच नवाचार एक साथ फाइल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है । पिछले वर्ष 22 जनवरी 2024 को एक ही दिन हेमन्त ने एकल आविष्कर्ता के रूप में दो पेटेंट प्राप्त कर अनोखी उपलब्धि हासिल की थी । विगत वर्षों में इनके जिन सात आविष्कारों को पेटेंट प्राप्त करने में सफलता मिली थी वो जल संरक्षण भवन निर्माण तकनीक आदि क्षेत्रों से संबंधित थे ।
कई पुरस्कारों से सम्मानित
तकनीकी लेखन शोध नवाचार आविष्कार आदि क्षेत्रों में हेमन्त लम्बे समय से काम कर रहे हैं और इसके लिए प्रदेश स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं । हेमन्त कुमार की तकनीकी पुस्तक विविध प्रकार के भवनों का परिचय एवं नक्शे को उत्तर प्रदेश सरकार के हिंदी संस्थान से सम्पूर्णानन्द नामित पुरस्कार एवं पचहत्तर हजार की धनराशि का इनाम मिल चुका है । जल अभियांत्रिकी में जनोपयोगी शोध कार्यों के लिए इं० हेमन्त को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह तथा विभागाध्यक्ष के हाथों ए एन खोसला पदक मिल चुका है । हेमन्त कुमार के शोध कार्य उत्तर प्रदेश को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020 दिलाने में सहयोगी बने । रोहतक हरियाणा से प्रकाशित और नवाचारों पर केन्द्रित पाक्षिक बुलेटिन सक्षम ने अपने एक पूरे अंक में हेमन्त कुमार के नवाचारी कार्यों को छापा है । हेमन्त कुमार ने बताया कि इन्होंने अभी तक जो भी नवाचारी कार्य किये हैं वे अपने निजी आर्थिक स्रोत से किये हैं और इनके पास अनेक नवाचारी विचार हैं जिनको अनुकूल समय मिलने पर मूर्त रूप देंगे ।
सहयोग के लिए आभार जताया
वैज्ञानिक शोध नवाचारों और आविष्कारों की वैश्विक रैंक को विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स के द्वारा नापा जाता है फिलहाल इस पैमाने पर भारत का स्थान 39 के आसपास चल रहा है । सन 2015 में भारत 81वें स्थान पर था और 9 साल में 39 वें स्थान पर पहुंच गया इसमें इंजीनियर हेमन्त कुमार जैसे आविष्कारकों के तिनका तिनका प्रयास शामिल हैं । हेमन्त कुमार ने इन नवाचारों के लिए विधिक परामर्श देने वाले विद्वान अधिवक्ता आशीष शर्मा तथा विभागीय अधिकारियों सुप्रभात सिंह कृष्ण कुमार रामप्रकाश प्रजापति संजय कुमार हरेन्द्र कुमार तथा सहयोगी सुशील कुमार और ब्रजेन्द्र सिंह इं० जय सिंह तेजपाल सिंह प्रदीप श्रीवास्तव सहित सभी शुभचिंतकों का आभार जताया है।

